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इनेलो के 5 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द, नैना चौटाला बोलीं-स्पीकर के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे

COURTESY DAINIK BHASKAR SEP 11

इनेलो के 5 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द, नैना चौटाला बोलीं-स्पीकर के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे
दलबदल मामले में दोषी मानते हुए चुनाव की घोषणा से ठीक पहले स्पीकर ने सुनाया फैसला

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा
दलबदल मामले में इनेलो के 5 बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। इनमें डबवाली से विधायक नैना चौटाला, उकलाना से विधायक अनूप धानक, दादरी से विधायक राजदीप फौगाट, नरवाना से पिरथी नंबरदार और फिरोजपुर झिरका से विधायक नसीम अहमद शामिल हैं। विधानसभा स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने इन्हें दलबदल कानून के तहत दोषी पाया है। इसी के तहत स्पीकर ने यह कार्रवाई की गई है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लिया गया स्पीकर का फैसला 27 मार्च से लागू होगा, क्योंकि विधायकों के खिलाफ दलबदल को लेकर इसी दिन पहली शिकायत दर्ज हुई थी। उल्लेखनीय है कि दलबदल मामले से बचने के लिए इन विधायकों ने कुछ दिन पहले ही विधायक पद से इस्तीफा दिया था। बाद में पार्टी छोड़ दी। नैना चौटाला का कहना है कि स्पीकर के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। शेष | पेज 9 पर
पूर्व विधायक नहीं कहलाएंगे, सिर्फ पेंशन मिलेगी, बाकी सुविधाएं नहीं
नैना चौटाला
हरियाणा विधानसभा के पूर्व एडिशनल सेक्रेट्री रामनारायण यादव का कहना है कि पांचों विधायक अब पूर्व विधायक नहीं लिख पाएंगे। उन्हें सिर्फ पेंशन का लाभ मिलेगा। बाकी मेडिकल आदि की सुविधा नहीं मिलेगी। पेंशन की सुविधा देने का प्रावधान भी हरियाणा और पंजाब में ही है। विधायको फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।
अभय चौटाला ने सबूत के साथ रखे तर्क
इनेलो नेता अभय चौटाला ने बागी विधायकों के खिलाफ दलबदल की शिकायत दी थी। उन्होंने विधायकों के खिलाफ पुख्ता सबूत रखे।
जजपा के कार्यक्रमों में शामिल हाेने की तस्वीरें दीं। वीडियो और ऑडियो क्लिप भी स्पीकर के सामने रखीं।
विधानसभा की 21 फरवरी की प्रोसिडिंग भी रखी गई। नैना ने खुद कहा था कि हां, हमने अलग पार्टी बना ली है।
अभय ने पक्ष रखा कि इन सभी ने इनेलो के सिंबल चश्मे पर चुनाव लड़ा, लेकिन बाद में जजपा का समर्थन किया। लोकसभा और दूसरे राज्यों की विधानसभाओं के फैसलों की कॉपी भी रखी।
नसीम अहमद
पिरथी नंबरदार
राजदीप फौगाट
पहले भी हो चुकी सदस्यता रद्द
प्रदेश में पिछली सरकार में हजकां छोड़ कांग्रेस में आए 4 विधायकों की सदस्यता भी चुनाव से ठीक पहले रद्द हुई थी। वे हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट तक गए, पर स्पीकर का फैसला यथावत रखा गया।
इसी प्रकार 2000 में बने एनसीपी और रिपब्लिक ऑफ इंडिया के एक-एक और 4 निर्दलीय विधायकों की सदस्यता 2004 में चुनाव से ठीक पहले रद्द हुई थी। ये विधायक बिना इस्तीफा दिए कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
अनूप धानक
इधर, इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरोड़ा ने छोड़ी पार्टी
30 साल पहले चीनी की दुकान पर बैठे थे अशोक अरोड़ा, चौटाला ने फोन कर विधानसभा उपचुनाव का टिकट दिया था
साल 2000 में अशोक अरोड़ा मंत्री बने थे। शपथ समारोह में मंच पर ओपी चौटाला व पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल भी थे।
कुरुक्षेत्र | इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने पार्टी छोड़ दी है। वे 35 साल से इनेलो से जुड़े थे। 1990 में वे अपनी चीनी की दुकान पर बैठे थे, तब आेपी चौटाला ने फोन कर थानेसर के उपचुनाव का टिकट दिया था।

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