राष्ट्रीय

नोटबंदी व जी.एस.टी. को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में याद रहेगा अरुण जेटली

चंडीगढ़ :- पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन से निश्चित तौर पर न केवल उनकी पार्टी ने बल्कि राष्ट्र ने एक कानूनविद राजनीतिज्ञ खो दिया है। 8 नवंबर, 2016 को देश में हुई नोटबन्दी और जुलाई, 2017 से देश में लागू की गयी जी.एस.टी. कर व्यवस्था लागू होने के दौरान देश का वित्त मंत्री होने के कारण इतिहास में उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि वर्तमान में जेटली राज्य सभा के अपने चौथे कार्यकाल में थे एवं उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे जहाँ से वह अप्रैल, 2018 में छः वर्ष के लिए निर्वाचित हुए थे। सुप्रीम कोर्ट में कामयाब वकील होने के साथ साथ 20 वर्ष के सक्रिय राजनैतिक जीवन में उन्होंने देश के राजनीतिक गलियारों में अपनी विशिष्ट पहचान बनायीं।अक्टूबर,1999 में जब अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने जेटली को पहली बार अपने मंत्रिमंडल में लिया था। इसके बाद वह वर्ष 2009 से 2014 तक राज्य सभा में विपक्ष के नेता रहे। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह वित्त मंत्रालय के साथ साथ कुछ समय तक देश के रक्षा मंत्री के पद पर भी रहे।

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