चंडीगढ़ समाचार

CHANDIGARH- शादी-पार्टियों में यूज नहीं कर सकेंगे पानी की छोटी बोतलें और गिलास एन्वायर्नमेंट बचाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाया बैन

COURTESY DAINIK BHASKAR JULY 4
शादी-पार्टियों में यूज नहीं कर सकेंगे पानी की छोटी बोतलें और गिलास
एन्वायर्नमेंट बचाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाया बैन
प्लास्टिक के चम्मच, प्लेट पर भी पाबंदी, एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट के प्रपोजल को प्रशासक ने दी अप्रूवल
पॉलीथिन रखने पर 5 हजार रुपए पेनल्टी का है प्रावधान

चंडीगढ़ में पहले पॉलीथिन तो बैन कर दिया गया था, अब सभी तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक भी बैन कर दिए गए हैं। प्रशासन के एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से सब्मिट किए गए प्रपोजल को प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने अप्रूवल दे दी है। अब प्रशासन इसकी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करके लोगों से सुझाव और ऑब्जेक्शन मांगेगा। इसके लिए दो महीने का समय दिया जाएगा।
एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से प्रपोजल बनाया गया था, जिसमें सभी तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक को चंडीगढ़ में बैन करने को लेकर लिखा गया था। पॉलीथीन और प्लास्टिक के कई तरह के सामान पर पहले ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ में यूज किए जाने को लेकर बैन लगा दिया था। इनके यूज किए जाने पर 5 हजार रुपए की पेनल्टी का प्रोविजन किया था। अब प्रशासन जो इसको लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पहले जारी करेगा, उसमें पॉलीथीन और बाकी सभी तरह के सामान को बैन किए जाने को लेकर प्रोविजन किए जाएंगे।
चंडीगढ़ में सबसे बड़ी चुनौती अभी पॉलीथिन को लेकर है। लाख कोशिशों के बाद भी चंडीगढ़ से पॉलीथिन यूज होना बंद नहीं हुआ है। शहर में हर मार्केट में पॉलीथिन धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। इसे रोकने के लिए प्रशासन कुछ नहीं कर रहा। एक-दो दिन कार्रवाई करके चुप हो जाता है।
इन पर रहेगी पाबंदी : सख्ताई और पब्लिक की अवेयरनेस से होगा संभव
: पानी की बोतल... पानी की एक लीटर से छोटी बोतल का यूज नहीं कर सकेंगे। क्योंकि छोटी बोतल को सिर्फ एक बार ही यूज किया जाता है, जिसके बाद ये डस्टबिन में जाती है। एक लीटर की बोतल को री-यूज कर लिया जाता है।
: पर्यावरण को बचाना हमारे हाथ में...
प्रशासन ने 2008 में और फिर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्लास्टिक कैरी बैग्स और पॉलीथीन को बैन करने को लेकर निर्देश जारी किए थे। लेकिन इन पर कभी-कभार ही कार्रवाई हुई। नतीजा ये रहा कि अभी भी चंडीगढ़ में बैन हुआ सामान आराम से कहीं भी देख सकते हैं। पर्यावरण बचाना हमारे हाथ में है, इसलिए हमें ही आगे आना होगा।
: कांच के ग्लास यूज करेंगे
प्रशासन इसका सब्सटिट्यूट भी बताए। शादी में यूज होने वाली प्लास्टिक की छोटी पानी की बॉटल और ग्लास का सवाल है तो उसकी जगह हम कांच के ग्लास में पानी सर्व करेंगे। -सुरिंदर जगोता, जगोता कैटरर
: पानी के छोटे गिलास... पानी के गिलास जो पार्टी या किसी भी तरह के ईवेंट में रखे जाते हैं, ये सिंगल यूज के होते हैं। इन पर भी बैन रहेगा। शादी-पार्टियों में अभी ये बहुत ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल होते हैं।
: एनजीटी में अफसर पेश भी हो चुके... हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन के अफसरों की एनजीटी में भी पेशी थी। अफसरों ने दलील दी थी कि करीब 15 क्विंटल से ज्यादा पॉलीथीन चंडीगढ़ में जब्त किया जा चुका है।
: हिमाचल से लंे सबक... चंडीगढ़ को हिमाचल से सबक लेना चाहिए। हिमाचल ने पॉलीथिन बैन के आदेश को गंभीरता से लागू किया है। सरकार की सख्ताई और पब्लिक की अवेयरनेस से यह संभव हो पाया है।
: सवाल: पहले के रूल फॉलो नहीं हुए तो नए कैसे होंगे...
रेहड़ी-फड़ी से लेकर सेक्टर-26 की बड़ी दुकानों में खुलेआम पॉलीथिन में सामान दिया जा रहा है। यही हाल प्लास्टिक के डिस्पोजल गिलास का है, जो हर छोटी-बड़ी दुकान में मिल जाते हैं।
: वुडन-पेपर ही ऑप्शन
प्रशासन को इन चीजों को बैन करने से पहले कारोबारियों से बात करनी चाहिए। पर्ल पेट वाली बॉटल इस्तेमाल हो सकती है। वुडन और पेपर प्लेट्स और स्पेन इस्तेमाल कर सकते हैं। -सुभाष नारंग, कलाग्राम स्थित हवेली के एमडी
: पंचकूला-मोहाली में नहीं है बैन... पंचकूला-मोहाली में कागजों में तो प्लास्टिक बैन है, लेकिन यह लागू नहीं है। छोटी पानी की बोतलें और गिलास बैन करने के बाद पंचकूला-मोहाली में नहीं हैं। ट्राईसिटी में इसे फॉलो करवाना होगा। यह जॉइंट प्लानिंग से होगा।
: डिस्पोजेबल आइटम... खाली पानी के गिलास, प्लास्टिक या थर्मोकोल की प्लेट्स और गिलास, प्लास्टिक चम्मच, पाॅलीथीन, प्लास्टिक बैग्स, नाॅन वुवन प्लास्टिक कैरी बैग्स पर पाबंदी है।
: इनका इस्तेमाल होता रहेगा...
सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन कर दिया गया है, लेकिन कई जरूरत की चीजें इसमें लागू रहेंगी। जैसे दालों की पैकिंग, चिप्स वगैरह के रैपर या दूध के पैकेट। फिलहाल इन पर बैन नहीं लगाया गया है। सरकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मार्केट्स में यूज होना वाला पाॅलीथिन है। नियम लागू होने के बाद भी लोग इसे यूज कर रहे हैं।
: ऑप्शन कम हो जाएंगे
शादियों-पार्टियों में अगर छोटे गिलास और छोटी बोतलें बैन होंगी तो ऑप्शन तो कम हो जाएंगे। या तो एक लीटर की बड़ी बोतल रखी जाएगी या फिर कैंपर के जरिए गिलास में पानी पिलाया जाएगा। -धर्मवीर चौधरी, रेड टैग

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