हरियाणा

क्या हिसार से भाजपा उम्मीदवार आई.ए.एस. अधिकारी बृजेन्द्र सिंह सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृति लेंगे या त्यागपत्र देंगे ?

चंडीगढ़ - गत रविवार को भाजपा द्वारा हरियाणा की हिसार संसदीय क्षेत्र से अपने घोषित किये गए उम्मीदवार प्रदेश कैडर के 1998 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी बृजेन्द्र सिंह, जो केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के सुपुत्र हैं, क्या वह चुनाव लड़ने के लिए अपनी आई.ए.एस. की सेवा से स्वैच्छिक  सेवानिवृति लेंगे अथवा त्यागपत्र देंगे ? पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने इस सम्बन्ध में  बताया कि एक आई.ए.एस. अधिकारी अखिल भारतीय सेवाएँ (मृत्यु एवं सेवानिवृति लाभ) नियम, 1958  के मोजूदा नियम 16(2) अथवा नियम 16(2 ए)  के अंतर्गत सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृति ले सकता है. नियम 16 ( 2 ) में यह प्रावधान है कि कोई आई.ए.एस. अधिकारी 30 वर्ष की क्वालीफाइंग सेवा पूर्ण करने के उपरान्त अथवा 50 वर्ष की आयु पार करने  के बाद अपनी सम्बंधित राज्य सरकार को कम से कम तीन महीने का नोटिस देकर सेवा से रिटायर होने के लिए लिख कर दे   सकता है. . इसमें यह भी प्रावधान है कि अगर वो अधिकारी निलंबित चल रहा है तो केंद्र सरकार की स्वीकृति से ही वह अधिकारी रिटायर किया जा सकेगा. इसके अलावा इस नियम में यह भी प्रावधान है कि अगर सम्बंधित राज्य सरकार चाहे, तो वह इस तीन माह के नोटिस अवधि में ढील भी प्रदान कर सकती है. हेमंत के अनुसार यह प्रावधान बृजेन्द्र सिंह पर लागू नहीं होता क्योंकि 1998 बैच का आई.ए.एस. अधिकारी होने के कारण अभी तक उनकी केवल 20 वर्ष की सेवा पूर्ण  हुई है. ऐसा मामलो के  लिए उक्त 1958 नियमो में हालांकि नियम 16 (2 ए ) के अंतर्गत प्रावधान है कि एक आई.ए.एस. अधिकारी 20 वर्ष की सेवा के उपरान्त तीन  महीने का सम्बंधित राज्य सरकार को नोटिस देकर रिटायर होने के लिए लिख कर दे सकता है  परन्तु  इसमें यह भी प्रावधान है की उस  परिस्थिति  में इसे केंद्र सरकार से स्वीकृत करवाना पड़ता है जिस केस में  ऐसी  रिटायरमेंट लेने की तिथि नियम 16 ( 2 ) के अंतर्गत पड़ने वाली तिथि से पहले की हो. एडवोकेट हेमंत ने बताया की नियम 16 (2 ए ) में ऐसा स्पष्ट तौर पर हालांकि कहीं नहीं वर्णित है कि सम्बंधित  राज्य सरकार या केंद्र सरकार उक्त तीन माह की अनिवार्य नोटिस अवधि में ढील प्रदान कर सकती है जैसे कि नियम 16 (2 ) में राज्य सरकार के पास शक्ति निहित है.. बृजेन्द्र सिंह द्वारा स्वैच्छिक  सेवानिवृति के मामले में हेमंत का मानना है की यह देखने लायक होगा कि क्या उन्होंने तीन माह पहले अर्थात इस वर्ष जनवरी माह में हरियाणा  सरकार को इस प्रकार की स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेने के लिए कोई नोटिस दिया हुआ है अथवा नहीं और इसे  केंद्र सरकार की मंजूरी प्राप्त करने के लिए भेजा गया है अथवा नहीं   ? अगर उन्होंने अभी तक उक्त तीन महीने का नोटिस नहीं दिया तो चूँकि हरियाणा में चुनावो के लिए नामांकन इस सप्ताह 16 अप्रैल से 23 अप्रैल के दौरान होना  हैं, तो यह देखने लायक होगा कि क्या केंद्र सरकार इस मामले में तीन महीने के नोटिस अवधि  में उन्हें ढील देती है और अगर हाँ तो ऐसा किस प्रावधान के अंतर्गत किया जाता है क्योंकि  16 ( 2 ए ) में तीन महीने के नोटिस में ढील देने की शक्ति स्पष्ट तौर पर वर्णित नहीं है. बहरहाल, अगर बृजेन्द्र सिंह स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने में किसी कारण में सफल नहीं हो पाते हैं, तो वह आई.ए.एस. की सेवा से उक्त 1958 नियमो के अंतर्गत त्यागपत्र भी दे सकते हैं हालांकि ऐसा करने से उन्हें स्वैच्छित सेवानिवृति लेने से  मिलने वाले सभी लाभ प्राप्त नहीं हो सकेंगे. 

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