हरियाणा

जींद उप चुनाव : सभी राजनैतिक दल जातिय आधार पर सैमीकरण बनाने में लगे

ईश्वर धामु

चंडीगढ़:जींद के उप चुनाव में राजनैतिक गरमी का पारा चढऩा शुरू हो चुका है। नेताओं ने दौरे करने प्रारम्भ कर दिए हैं। अभी तक किसी भी पार्टी प्रत्याशी ने कोई चुनावी सभा नहीं की है। सभी प्रत्याशी सम्पर्क साधने में जूटे हुए हैं। जो मंत्री, विधायक और नेता अपनी पार्टी के समर्थन में जींद पहुंच रहे हैं, उनसे भाषणबाजी न करवा कर चाय-चर्चा करवाई जा रही है। सत्तासीन पार्टी के प्रदेश प्रधान सुभाष बराला ने आज रविवार को पहला चुनावी दौरा किया। उनके अलावा मंत्री कविता जैन, कृष्ण बेदी, नायब सिंह सैनी और कर्णदेव कम्बोज भी सम्पर्क अभियान में शामिल हुए। पर सभी ने पूर्व नियोजित स्थानों पर अपने पदाधिकारियों या समर्थकों के यंहा चाय पर चर्चा कर लोगों से हर्ट-टू-हर्ट बात की। इसी तरह दूसरे दलों के नेता भी वोटर-सम्पर्क में लगे हुए हैं। हर प्रत्याशी अपने तरीके से वोटर को समझा रहा है। जींद विधानसभा क्षेत्र में अगर जतिगत आधार पर मतदाताओं को देखे तो यंहा जाट मतदाता प्रभावी है और चुनाव में जीत-हार का आधार बनता है। इस बार तीन प्रमुख दलों कांग्रेस से रणदीप सुरजेवाला, इनेलो से उमेद सिंह रेढू और जेजे पार्टी से दिज्विजय चौटाला जाट प्रत्याशी हैं तो ऐसे में जाट मतदाताओं की भूमिका ओर अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। जींद क्षेत्र के 169210 कुल मतदाताओं में से 47 हजार 156 जाट मतदाता है। सभी प्रत्याशियों की नजरें इस बड़े वोट बैंक पर लगी हुई है। परन्तु अभी तक इस वर्ग के मतदाताओं की ओर से स्पष्ट रूझान नहीं आ रहा है। जाट वोटर के बाद प्रभावी स्थिति में ब्राह्मण, पंजाबी, सैनी, बनिया और चमार मतदाता हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या 14 हजार 986 ब्राह्मण मतदाताओं की हैं। जबकि संासद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी से ब्राह्मण प्रत्याशी विनोद आश्री है। इसके बाद पंजाबी मतदाताओं की संख्या 14 हजार 879 हैं। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मिढ़ा पंजाबी वर्ग से हैं और उनके पिताश्री हरि किशन मिढ़ा यंहा से विधायक रह चुके हैं। यंहा से सैनी और बनिया मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है। जंहा सैनी मतदाता 14 हजार 488 हैं तो बनिया मतदाताओं की संख्या 14 हजार 143 है। बनिया वोटर पर भी सभी दलों की पैनी नजरे लगी हुई है। यंहा से बनियों के प्रभावी नेता मांगेराम गुप्ता है, जो मंत्री रह चुके हैं और चार बार जींद का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अभी तक उन्होने किसी भी प्रत्याशी का साथ देने का वायदा नहीं किया है। इन पांच प्रमुख एंव प्रभावी जातियों के अलावा दलित वर्ग में चमार मतदाताओं की संख्या 13 हजार 998 है। अब इन मतदाताओं पर इनेलो-बसपा और कांग्रेंस की नजरें और उम्मीद टीकी हुई है। दूसरी जातियों में बाल्मीकि मतदाताओं की संख्या 8897 हैं। इनके अलावा कुम्हार मतदाता 6848 हैं, धानक मतदाताओं की संख्या 5212 है, खाति 6867 मतदाता हैं तो 2951 बैरागी मतदाता हैं। इस क्षेेत्र से 2981 लुहार मतदाता हैं और 2526 नाई मतदाताओं की संख्या है। सुनार मतदाताओं की संख्या 1637 हैं और खटीक 1178 मतदाता हैं। यंहा से सैंसी मतदाताओं की संख्या 1167 हैं तो लकड़ का काम करने वाले पंजाबी और सिख बढ़ई मतदाताओं की संख्या 1265 है। इनके अलावा 11 हजार 231 मतदाता दूसरी विभिन्न जातियों से आते हैं। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी राजनैतिक दल जातिय आधार पर सैमीकरण बैठाने में भी लग गए हैं। चुनावी रणनीतिकार तालमेल के लिए चुनावी नीति तय करने में जूट गए हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
tatkalnews.com
AAR ESS Media
newstatkal@gmail.com
tatkalnews181@gmail.com
Visitor's Counter : 68204866
Copyright © 2016 AAR ESS Media, All rights reserved.
Desktop Version